175+ Best Desh Bhakti Shayari | Happy Independence Day Shayari 2025
Desh Bhakti Shayari in Hindi: देशभक्ति सिर्फ एक भावना नहीं, बल्कि एक ऐसा जज़्बा है जो हमें अपने वतन से जोड़ता है। जब कोई सैनिक सरहद पर अपने प्राणों की परवाह किए बिना देश की रक्षा करता है, जब कोई नागरिक अपने कर्तव्यों को निभाते हुए देश की उन्नति में योगदान देता है, तब देशभक्ति की असली तस्वीर सामने आती है।
हमारी यह शायरी उन्हीं जज़्बातों को शब्दों में पिरोने की एक छोटी सी कोशिश है। देश के प्रति प्यार, गर्व और समर्पण को बयां करती ये देशभक्ति शायरी हर भारतीय के दिल को छू जाएगी।
Desh Bhakti Shayari

दुनिया में महकता हुआ चमन चाहता हूँ
शान्ति उन्नति से भरा गगन चाहता हूँ
जान जाए इसके खातिर कोई गम नहीं
बाद मरने के बस तिरंगा कफ़न चाहता हूँ !!
मर मिटेंगे हम अपने वतन के लिए
जान कुर्बान है प्यारे चमन के लिए
हमसे हमारी अब हसरत न पूछो
बाँध रखा सर पे तिरंगा कफ़न के लिए !!
देशभक्तों से ही देश की शान है
देशभक्तों से ही देश का मान है
हम उस देश के फूल हैं यारों
जिस देश का नाम हिंदुस्तान है !!
जब आँख खुले तो धरती हिंदुस्तान की हो
जब आँख बंद हो तो धरती हिंदुस्तान की हो
हम मर भी जाए तो कोई गम नही लेकिन
मरते वक्त मिट्टी हिंदुस्तान की हो !!
हिमालय से उंचा रहे सर इसका हमने दिल में ठाना है
रंग दो बसंती चोला मेरा हमको सरहद पर जाना है
कोई नजर न इसकी और उठे ऐसे पहरेदारी हो
दुश्मन की छाती पर तिरंगा फिर से लहराना है !!
15 August Desh Bhakti Shayari

गूँज रहा है दुनिया में भारत का नगारा
चमक रहा आसमान में देश का सितारा
आज़ादी के दिन आओ मिलके करें
दुआ की बुलंदी पर लहराता रहे तिरंगा हमारा !!
दे सलामी इस तिरंगे को जिस से तेरी शान है
सर हमेशा ऊँचा रखना इसका जब तक दिल में जान है !!
दिल हमारे एक हैं एक ही है हमारी जान
हिंदुस्तान हमारा है हम हैं इसकी शान
जान लुटा देंगे वतन पे हो जायेंगे कुर्बान
इसलिए हम कहते हैं मेरा भारत महान !!
Independence Day Shayari
आज के दिन उस मंज़र को याद करे
शहीदो की देश भक्ति को याद करे
जब मिली थी आजादी हमको खून के बदले
आओ उन देश प्रेमियो को याद करे !!
जाँ से प्यारा वतन है हमारा
हम तो इसके पहरेदार रहेंगे
सौ जनम भी लुटा दें इसके लिए
तब भी हम इसके कर्जदार रहेंगे !!
Army Desh Bhakti Shayari

इस देश के लिए शहीद होना कबूल है मुझे
क्योंकि अखंड भारत बनाने का जूनून है मुझे !!
ना दौलत, ना दे शोहरत कोई सिकवा नहीं
बस भारत माँ की संतान बना देना
हो जाऊ सहीद तो बस तिरंगे में लिपटा देना !!
मैं तो सोया था गहरी नींद मैं
सरहद पर था जवान जगा रात सारी
ये सोच कर नींद मेरी उड़ गयी
जवान कर रहा रक्षा हमारी !!
कतरा-कतरा मेरे लहू का इस वतन के काम आएगा
मेरे जाने के बाद भी तिरंगा हिमालय पर ऐसे मुकुरायेगा !!
चलो फिर से खुद को जगाते हैं
अनुशासन का डंडा फिर से घुमाते हैं
सुनहरा रंग है गणतंत्र का शहीदों के लहू से
ऐसे शहीदों को हम सब सर झुकाते हैं !!
Desh Bhakti Shayari 2 Line

वतन की मोहब्बत में खुद को तपाये बैठे है
मरेंगे वतन के लिए शर्त मौत से लगाये बैठे है !!
चाहता हूँ कोई नेक काम हो जाए
मेरी हर साँस देश के नाम हो जाए !!
आज झंडा लहराता है पूरी शान से
हमें आजादी मिली है वीरो के बलिदान से !!
अपनी आजादी को हम हरगिज मिटा सकते नही
सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नही !!
वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता
तिरंगे से ख़ूबसूरत कोई कफन नहीं होता !!
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Desh Bhakti Shayari in Hindi

कुछ नशा तिरंगे की आन का है
कुछ नशा मातृभूमि की मान का है
हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा
नशा ये हिन्दुस्तान की शान का है !!
जो देश के लिए शहीद हुए
उनको मेरा सलाम है
अपने खूं से जिस जमीं को सींचा
उन बहादुरों को सलाम है !!
मैं इसका हनुमान हूँ ये देश मेरा राम है
चीर के देख लो सीना मेरा इसमें हिंदुस्तान है !!
मेरे रगो का लहू जो तेरे काम आये
काश ऐसा मैं कोई काम कर जाता
तेरे शान को यूं ही बनाये रखने के लिए
जंग-ए-मैदान में फिर से उतर जाता !!
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
देखना है ज़ोर कितना बाजू-ए-कातिल में है
वतन की मिट्टी से प्यार यूं ही बरकरार रहे
हर हिंदुस्तानी के दिल में यही अरमान रहे !!
Dard Desh Bhakti Shayari

ये जोश कभी कम नहीं होगा वीरों के बलिदानों से आया है
कितनो ने लहू बहाया है तब जा के तिरंगा पाया है !!
काश मरने के बाद भी वतन के काम आता
शहीदों के दुनिया में अपना भी नाम आता
हंस के लुटा देते जान इस वतन के लिए
कोई फिक्र नहीं होती गर ऐसा मुकाम आता !!
आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे
शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगे
बची है जो एक बूंद लहू की तब तक
भारत माता का आंचल नीलाम नहीं होने देंगे !!
इस वतन के रखवाले हैं हम शेर ए जिगर वाले हैं हम
मौत से हम नही डरते मौत को बाँहों में पाले हैं हम !!
चाहे जान की बाजी लगा देंगे हम
दुश्मनों को वतन से मिटा देंगे हम
है कसम इस तिरंगे की वतन के लिए
ये तिरंगा उनके सीने पर लहरा देंगे हम !!
Desh Bhakti Shayari Attitude

ना सरकार मेरी है न रौब मेरा है
ना बड़ा सा नाम मेरा है
मुझे तो एक छोटी सी बात का गौरव है
मैं हिंदुस्तान का हूँ और हिंदुस्तान मेरा है !!
जो अब तक ना खौला वो खून नही पानी है
जो देश के काम ना आये वो बेकार जवानी है !!
वतन है मेरा सबसे महान
प्रेम सौहार्द का दूजा नाम
तन-ए-बस पर है सब कुर्बान
शांति का दूत है मेरा हिन्दुस्तान !!
देश के लिए मर मिटना कुबूल है हमें
अखंड भारत के सपने का जूनून है हमें !!
दाबोगे अगर और उभर आयेगा भारत
हर वार पर कुछ और निखर जायेगा भारत
दस-बीस जाहिलों को ग़लतफ़हमी हुई है
दो-चार धमाको से ही डर जायेगा भारत !!
Shayari Desh Bhakti

तिरंगा है आन मेरी
तिरंगा ही है शान मेरी
तिरंगा रहे सदा ऊँचा हमारा
तिरंगे से है धरती महान मेरी !!
वो ज़िन्दगी ही क्या जिसमे देश भक्ति ना हो
अर वा मौत ही क्या जो तिरंगे में ना लिपटी हो !!
आन देश की ,शान देश की, देश की हम संतान हैं
तीन रंगों से रंगा तीरंगा, अपनी यही पहचान है !!
खूब बहती है अमन की गंगा बहने दो
मत फैलाओ देश में दंगा रहने दो
लाल हरे रंग में ना बांटों हमको
मेरे छत पर एक तिरंगा रहने दो !!
देखा जो बुजुर्गो ने वो मंजर है तिरंगा
हर धर्म से हर जात से उपर है तिरंगा
मैं लोक तंत्र देश मेरा नाम है भारत
आजादी मेरी जाँ है, मेरा सर है तिरंगा !!
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Desh Bhakti Par Shayari

मुझे न तन चाहिए न मन चाहिए
अमन से भरा यह वतन चाहिए
जब तक जिन्दा रहू इस मातृभूमि के लिए
और मरु तो तिरंगा कफन चाहियें !!
भारत माता की जय हम सब कहते हैं
देश के वीर जवानों को नमन करते हैं
उन शहीदों की कुर्बानियों को सलाम करते हैं
जो हमें अमन और चैन का जीवन देते हैं !!
सींच दू खून से अगर इस चमन के काम आए
काश मेरा लहू भी मेरे वतन के काम आए
न जाने कौनसी घडी आख़री हो हमारी
ये तन मन धन फिर वतन के कामा आए !!
हम अपने खून से लिक्खें कहानी ऐ वतन मेरे
करें कुर्बान हँस कर ये जवानी ऐ वतन मेरे
दिली ख्वाहिश नहीं कोई मगर ये इल्तिजा बस है
हमारे हौसले पा जायें मानी ऐ वतन मेरे !!
बस ये बात हवाओं को बताये रखना
रौशनी होगी चिरागों को जलाये रखना
लहू देकर जिसकी हिफाज़त की शहीदों ने
उस तिरंगे को सदा दिल में बसाये रखना !!
Desh Bhakti Shayari Hindi

हम पहरेदार है इसके हम इसके रखवाले है
प्यारे वतन के खातिर हम जाँ भी लुटाने वाले हैं
इसकी हमको हर एक बात निराली लगती है
सौ जीवन कुर्बान हैं इसपर हम ऐसे मतवाले हैं !!
अब तक जिसका खून न खौला वह खून नही पानी है
जो वतन के काम न आए वो बेकार जवानी है !!
न पूछो ज़माने को क्या हमारी कहानी है
हमारी पहचान तो सिर्फ ये है कि हम सिर्फ
हिन्दुस्तानी हैं !!
हर वक़्त मेरी आँखो मे मातृभूमि का सपना हो
जब कभी मरू तो तिरंगा मेरा कफ़न हो
और कोई तमन्ना नही है जीवन मे
जब कभी भी जन्म लू तो भारत मेरा वतन हो !!
सुना है कुछ नक्कार
हमारी वीरता का सबूत मांगते हैं
ज़रा भेजो तो उन्हें सरहद पर
सिरफिरे खुद के लिए ताबूत माँगते हैं !!
