300+ Best Dhokebaaz Shayari in Hindi
Dhokebaaz Shayari: धोखेबाज़ शायरी उन लोगों के लिए है जिन्होंने प्रेम, भरोसा और निष्ठा के नाम पर धोखा खाया है, पर फिर भी अपने एहसासों को शब्दों में बयान करने का सिलसिला जारी रखा है। इस पोस्ट में हम धोखेबाज़ शायरी का संग्रह प्रस्तुत कर रहे हैं, जो प्रेम में पड़ी हुई पीड़ा, विश्वासघात की झलक और दिल के जख्मों को बयान करती हैं। कविताओं का यह सफ़र दिल के उन जज़बातों को उजागर करता है, जहाँ दिल तरसता है, दर्द छुपता है और उम्मीदें टूट जाती हैं, फिर भी शायरी के माध्यम से अपनी बात कहने का हौसला नहीं टूटता।
तो आइए, इस खूबसूरत और दर्दभरी दुनिया में कदम रखें और अपने जख्मों को शब्दों का सहारा देकर मुक्ति पाने का प्रयास करें।
Dhokebaaz Shayari

जमाने को अच्छा समझा, लेकिन वो चालबाज निकला
अपने को अपना समझा, लेकिन वो धोखेबाज निकला !
धोखा देने वाले तू एक दिन पछताएगा
जब तुझे भी कोई इसी तरह से रुलायेगा !

जिन्दगी की हर मोड़ पर धोखेबाज मिले
उनमें पराये कम, अपने ज्यादा मिले !
जिसे चाहा दिल से, वही सबसे ज्यादा ज़ख़्म दे गया
हमने तो वफ़ा की थी, वो हमें धोखा दे गया !
फूलों की तरह दिखने वाले, काँटों सा चुभते हैं
धोखेबाज़ों के चेहरे अक्सर, मासूम से लगते हैं !
Matlabi Rishte Dhokebaaz Shayari

इस दिल के हाथों होकर मजबूर मौका दे देते हैं
दिल में रहने वाले लोग तभी तो धोखा देते हैं !
नफरत की दुनिया में कौन किसका होता है
धोखा वही देता है जिस पर भरोसा होता है !

तुमने की तो मोहब्बत जो हमने किया उसका क्या
तुमको मिला तो वो धोखा जो हमने खाया उसका क्या !
जिसे हमने अपना समझा उसने ही धोखा दिया
जिस पर किया भरोसा उसने ही दिल तोड़ दिया !
धोखा देने वाले को क्या सजा दूं
मेरे अपने ही धोखेबाज निकले !
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Dhokebaaz Shayari in Hindi

हमने जिसे सब कुछ माना
उसने ही हमें कुछ ना समझा
धोखेबाज़ था वो इंसान
जो हर कसम को मज़ाक समझा !
कभी सोचा ना था वो ऐसे बदल जाएंगे
प्यार के नाम पर यूँ जख्म दे जाएंगे !

हर खेल में हम बाजी मार जाते हैं
पर धोखेबाज से हम बाजी हार जाते हैं !
ज़ख्म दिए ऐसे गहरे, जो कभी भर न पाएँगे
धोखे की ये कहानी हम, किसी को न बता पाएँगे !
दिल के दर्द को दिखाना बड़ा मुश्किल है
धोखा खा कर बताना बड़ा मुश्किल है !
Bewafa Dhokebaaz Shayari

पल भर में तोड़ दिया हर रिश्ता
झूठे वादों का कैसा था नशा
पीठ पीछे वार किया तुमने
ऐ धोखेबाज़, क्या यही थी वफ़ा?
दिलो जान से चाहा था उसे, लेकिन उसने मेरी
मजबूरी को धोखेबाज का नाम दे दिया !

धोखा तो मिलना ही था मुझे इस शहर मे
इश्क जो मैने एक बेवफा से किया था !
वादे करके तोड़ दिया, कसमें खाकर मुकर गए
धोखेबाज़ों का यही है काम, पल में बदल गए !
जिसे समझा था हमसफर अपना
वही निकला सबसे बड़ा धोखेबाज़ अपना !
Dhokebaaz Ladki Shayari

नहीं शिकवा मुझे कुछ बेवफ़ाई का तिरी हरगिज़
गिला तब हो अगर तू ने किसी से भी निभाई हो !
तेरी मासूमियत का मज़ाक उड़ाया है मैंने
अब तो तेरे झूठ को भी पहचान लिया है मैंने !

तुमसे प्यार तो ना मिला ये धोखा ही निशानी है
बरसों गुजर गए पर अधूरी हमारी कहानी है !
तुमने की तो मोहब्बत जो हमने किया उसका क्या
तुमको मिला तो वो धोखा जो हमने खाया उसका क्या !
जो उन मासूम आँखों ने दिए थे
वो धोके आज तक मैं खा रहा हूँ !
Dhokebaaz Shayari Love

धोखा खाकर भी हम मुस्कुरा रहे हैं
तुमसे मोहब्बत थी इसलिए निभा रहे हैं !
याद है मुझे हमारी प्यार की कहानी
तेरी बेवफाई का दर्द और मेरी आंखों का पानी !

मैंने प्यार जितनी तसल्ली से किया
उसने धोखा भी बहुत मजे से दिया !
वफ़ाओं का ज़माना गया, अब तो धोखेबाज़ी का दौर है
मोहब्बत में हज़ारों ने किया है समझौता, फिर भी सब तन्हा हैं !
वो शक्स धोखेबाज निकला
जिससे मैंने बे-वजह, बे-इंतेहा मोहब्बत की !
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Dhokebaaz Shayari Hindi

धोखा खानेवाले भी, क्या एहसान फरमाते हैं
दुनिया से एक धोखेबाज की, पहचान करवाते हैं !
दिल में छुपा के रखते थे ज़हर, लबों पे थी हँसी
हमने समझा था अपना, निकले वो बेईमान सभी !

कौन है इस जहाँ मे जिसे धोखा नहीं मिला
शायद वही है ईमानदार जिसे मौक़ा नहीं मिला !
अब हम भी उनकी आखों में खटकने लगे हैं
धोखा खाकर उनसे अब दर-दर भटकने लगे हैं !
तेरा हर वादा एक झूठा अफसाना निकला
धोखा देना तेरा पुराना बहाना निकला !
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Shayari Dhokebaaz

वो हर दफा झूठ बोलता रहा, मै सच समझता रहा
कितने धोखे दिए उसने, मै रोज मरता रहा !
झूठे वादे, फरेब की बातें, ये धोखेबाज़ी का शौक है
दिल टूटते हैं, पर फिर भी ये कोई तोक नहीं है !

दिल तो रोज़ कहता है मुझे कोई सहारा चाहिए
फ़िर दिमाग़ कहता है क्यों तुम्हें धोखा दोबारा चाहिए !
धोखाबाजों की बस यही निशानी रह जाती है
मतलबी हो जाते हैं लोग, यही कहानी रह जाती है !
जो दिल से चाहते थे, वही दिल तोड़ गए
जिन पर ऐतबार था, वही हमें छोड़ गए !
Dhokebaaz Dost Shayari

न जाने कौन-सी साजिश में दिन गुजरा गया
मैं दुश्मनों से बच गया, पर दोस्तों में मारा गया !
जब भी दोस्तों की जरूरत को महसूस किया
तब तब धोखा देकर उसने मुझे मायूस किया !

काम बनते ही दास्तों ने अपना रंग दिखा दिया
मुसीबत आने पर हर एक ने मुझे धोखा दिया !
मौका पड़ने पर दोस्त भी अपना रंग दिखा देते हैं
साथ देंगे या धोखा, इस बात का भी ढंग दिखा देते हैं !
मैंने दोस्ती पर विश्वास रखना छोड़ दिया है
जब से दोस्तों ने बुरे समय में धोखा दिया है !
Dhokebaaz Shayari 2 Line

धोखा देती है अक्सर मासूम चेहरे की चमक
हर काँच के टुकड़े को हीरा नहीं कहते !
वो झूठ बोल रहा था बड़े सलीक़े से
मैं एतिबार न करता तो और क्या करता !

हमारे पास कुछ भी नही बोलने का होता है मौका
जब हमें हमारे अपने ही देते है धोखा !
चार किताबें पढ़कर यहां कुछ हासिल नहीं हुआ
बिना धोखा खाए इस जहां में कोई काबिल नहीं हुआ !
कुछ इस तरह उन्होंने धोखा दिया
कि मेरी ज़िंदगी का हर मकसद छीन लिया !
Dhokebaaz Shayari in English

Jinhe humne apna sab kuch samjha,
Wahi humare sabse bade dhokebaaz nikle.
Woh bewafaa tha, ya mein nadan tha,
Sach to yeh hai – pyar to ek dhoka hi tha.

Woh muskurata raha, aur main bikharata raha,
Uske har ek jhooth pe, main vishwas karta raha.
Jo kehkar gaya tha kabhi na chhodenge,
Aaj wahi sabse pehle chhod kar chala gaya.
Aitbaar tha tujhpe, isiliye dhoka hua,
Ajnabi hota to itna dard na hota.
